❧❧  राजस्थान की संस्कृति, हमारी पहचान  ❧❧

शाहीबाग का जीण माता मंदिर बना आस्था और भक्ति का संगम

8 September 2026
शाहीबाग का जीण माता मंदिर बना आस्था और भक्ति का संगम

अहमदाबाद के शाहीबाग स्थित जीण माता मंदिर आस्था और भक्ति का संगम बन गया, जब श्रद्धालु माता रानी को समर्पित भजन संध्या के लिए एकत्र हुए।

श्री सालासर के मंगलपाठ से शुभारंभ

संध्या का शुभारंभ श्री सालासर के सम्मान में मंगलपाठ के साथ हुआ, जिसके बाद भजन गायकों ने प्रस्तुतियां दीं।

जय माता दी के जयकारे

मंदिर परिसर भक्ति संगीत से भर उठा और श्रद्धालु जय माता दी के जयकारे लगाते रहे। यह आयोजन शाहीबाग के समुदाय की सांस्कृतिक और धार्मिक एकजुटता को दर्शाता है।

जीण माता — राजस्थान की लोकदेवी

जीण माता का मूल मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है और वे अनेक राजस्थानी परिवारों की कुलदेवी मानी जाती हैं। अहमदाबाद में उनके नाम पर मंदिर की स्थापना यह दर्शाती है कि प्रवासी समाज ने केवल परंपराएं ही नहीं, बल्कि अपने आराध्य देवी-देवताओं के स्थान भी यहां स्थापित किए हैं।

मंदिर — समाज का केंद्र

ऐसे मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं रहते, बल्कि समाज के आयोजनों, बैठकों और उत्सवों का स्थायी केंद्र बन जाते हैं।

मंगलपाठ की परंपरा

किसी भी भजन संध्या का आरंभ मंगलपाठ या वंदना से करने की परंपरा है, जिससे आयोजन को शुभ दिशा मिलती है और श्रोताओं का मन एकाग्र होता है।

यह लेख साझा करें

✦—— और लेख ——✦

राजस्थान की और कहानियां

Men dancing Gair in white with colour in the air at a Holi gathering

राजस्थानी होली — गेर, घूमर, गींदड़, चंग और अहमदाबाद के फागुन महोत्सव

राजस्थान की होली परंपरा — गेर, घूमर और गींदड़ नृत्य, चंग-डफ की थाप, फाग गीत और फागुन महोत्सव। साथ ही अहमदाबाद के राजस्थानी समाज में होने वाले होली आयोजनों और सुरक्षित होली की जानकारी।

Singers and musicians at a bhajan sandhya

भजन संध्या — प्रकार, वाद्ययंत्र, आयोजन विधि और अहमदाबाद की परंपरा

भजन संध्या क्या है, इसके प्रकार — श्याम संकीर्तन, माता की चौकी, पूर्णिमा भजन संध्या और प्रभात फेरी। वाद्ययंत्रों की भूमिका, आयोजन कैसे करें और अहमदाबाद के राजस्थानी समाज में इसकी परंपरा।

A Sundarkand Path in progress at a temple

सुंदरकांड पाठ — महत्व, विधि, लाभ और अहमदाबाद की परंपरा

सुंदरकांड पाठ क्या है, इसका महत्व, पाठ की विधि, लाभ और संगीतमय सुंदरकांड की परंपरा। साथ ही अहमदाबाद के राजस्थानी समाज में होने वाले सुंदरकांड आयोजनों की जानकारी।