अहमदाबाद के इसनपुर में एक भव्य भक्तिमय संध्या का आयोजन हुआ, जिसका शीर्षक था “एक शाम गजन माता जी के नाम”। यह आयोजन मायलावास परिहार परिवार द्वारा गजन माता जी के सम्मान में कराया गया।
रंगाराम देवासी के राजस्थानी भजन
संध्या में गायक रंगाराम देवासी ने राजस्थानी भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गजन माता के जयकारे
श्रद्धालुओं ने भक्तिमय वातावरण का आनंद लिया और गजन माता की महिमा का गान करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
कुलदेवी और लोकदेवी की परंपरा
राजस्थान के प्रत्येक परिवार और गोत्र की अपनी कुलदेवी होती है, और गजन माता भी अनेक परिवारों की आराध्य हैं। अहमदाबाद में बसने के बाद भी परिवार अपनी कुलदेवी की उपासना नहीं छोड़ते — वे यहीं आयोजन कराकर उस परंपरा को जीवित रखते हैं।
राजस्थानी भजनों की विशिष्टता
राजस्थानी भजनों की भाषा, लय और वाद्ययंत्र उन्हें विशिष्ट पहचान देते हैं। ढोलक, हारमोनियम और मंजीरे के साथ मारवाड़ी में गाए जाने वाले ये भजन प्रवासी परिवारों को सीधे अपनी जड़ों से जोड़ देते हैं।
परिवार द्वारा आयोजन
किसी एक परिवार द्वारा पूरे समाज के लिए भजन संध्या कराना एक पुरानी परंपरा है, जिसे प्रायः मनोकामना पूर्ण होने पर या कुलदेवी के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए निभाया जाता है।


