अहमदाबाद के नाना चिलोड़ा स्थित रश्मि प्लेटिनम में भव्य खाटू श्याम महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम रात 9 बजे आरती के साथ आरंभ हुआ और भजन संध्या रात 1 बजे तक चली।
पारीक बंधुओं की प्रस्तुति
प्रसिद्ध गायक ओमप्रकाश जी पारीक और सुरेश जी पारीक ने खचाखच भरे पंडाल को अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियों से बांधे रखा।
डफ और चंग की थाप
श्रद्धालु डफ और चंग की थाप पर नृत्य करते रहे और श्याम बाबा के नाम के जयकारों में डूबे रहे।
डफ और चंग — राजस्थान के वाद्य
डफ और चंग राजस्थान के पारंपरिक चर्म वाद्य हैं, जिनकी गूंज दूर तक जाती है। फाल्गुन और श्याम भक्ति के आयोजनों में इनका विशेष स्थान है, क्योंकि इनकी लय पर सामूहिक नृत्य सहज हो जाता है।
रात्रिकालीन जागरण की परंपरा
श्याम महोत्सव और जागरण प्रायः देर रात तक चलते हैं। मान्यता है कि रात्रि में की गई भक्ति विशेष फलदायी होती है, और व्यावहारिक रूप से भी यह समय कामकाजी परिवारों के लिए सबसे सुविधाजनक होता है।
पंडाल की व्यवस्था
बड़े महोत्सवों के लिए पंडाल, मंच, प्रकाश और ध्वनि की व्यवस्था कई दिनों की तैयारी मांगती है। अहमदाबाद में इस काम में दक्ष अनेक डेकोरेशन मंडल सक्रिय हैं, जो पूरे आयोजन को स्वरूप देते हैं।


