अहमदाबाद के नरोल स्थित सांघाणी उपवन बंगलोज में खाटू श्याम जी को समर्पित भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिससे पूरा आवासीय परिसर भजनों और जयकारों से गूंज उठा।
निवासियों की सामूहिक भागीदारी
संध्या के लिए परिसर के निवासी एक साथ जुटे और आयोजन को सफल बनाया।
आवासीय आयोजनों की परंपरा
यह आयोजन इस क्षेत्र की उस परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिसमें आवासीय सोसाइटियों के मिलन को श्याम बाबा की भजन संध्या से जोड़ा जाता है।
बंगलोज और सोसाइटी आयोजनों का अंतर
बंगलोज परिसरों में परिवारों की संख्या अपेक्षाकृत कम होती है, जिससे आयोजन अधिक आत्मीय और पारिवारिक स्वरूप ले लेता है। यहां प्रायः सभी परिवार एक-दूसरे को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं, और आयोजन की जिम्मेदारियां आपसी सहमति से बंट जाती हैं।
श्याम बाबा और सामूहिक आयोजन
श्याम बाबा के भजनों की विशेषता यह है कि इनमें श्रोता केवल सुनते नहीं, बल्कि साथ गाते और नृत्य करते हैं। यही सहभागिता इन संध्याओं को आवासीय परिसरों में इतना लोकप्रिय बनाती है।
आयोजन का खर्च और सहयोग
आवासीय परिसरों के आयोजनों का खर्च प्रायः सभी परिवारों के आपसी सहयोग से वहन किया जाता है। इससे किसी एक पर भार नहीं पड़ता और सभी को आयोजन में अपनापन महसूस होता है।


